आष्टा के सभी अशासकीय विद्यालय संगठन हुए एकजुट



आष्टा के सभी अशासकीय विद्यालय संगठन हुए एकजुट

अब एक मंच से होगा विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सामूहिक प्रयास

आष्टा की आवाज / नवीन शर्मा 

आष्टा। नगर के अशासकीय विद्यालयों के लिए शुक्रवार का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ। लंबे समय से अलग-अलग स्तर पर कार्य कर रहे निजी विद्यालय संचालकों एवं प्राचार्यों ने अब एकजुट होकर एक संगठन के रूप में कार्य करने का निर्णय लिया। उद्देश्य स्पष्ट है—विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का विस्तार और शिक्षा जगत से जुड़े मुद्दों पर सामूहिक रूप से प्रभावी पहल करना।

नगर के सागर गेरे रेस्टोरेंट में आयोजित बैठक में आष्टा के विभिन्न अशासकीय विद्यालयों के संचालक एवं प्राचार्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। बैठक में शिक्षा व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ बनाने, विद्यार्थियों के हितों की रक्षा, शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने, शासन की नई शिक्षा नीतियों का प्रभावी क्रियान्वयन तथा विद्यालयों के समक्ष आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए एक मंच से कार्य करने पर सहमति बनी।


बैठक में वक्ताओं ने कहा कि प्रतिस्पर्धा के इस दौर में विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा, आधुनिक संसाधन, संस्कारयुक्त वातावरण और सुरक्षित भविष्य उपलब्ध कराना सभी विद्यालयों की साझा जिम्मेदारी है। यदि सभी संस्थान एकजुट होकर कार्य करेंगे तो शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित होंगे और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को नई दिशा मिलेगी।

इस अवसर पर भोलू सिंह ठाकुर, धर्मेंद्र गौतम, सुदीप जायसवाल, नारायण जाट, संतोष शर्मा, विनीत त्रिवेदी, रामनरेश यादव, सुनील शर्मा, एम. विजयन, कल्याण सिंह मेवाड़ा, नवीन शर्मा, अजय जैन, बी.एल. मालवीय, मुरारी वर्मा, जामलिया सर, धर्मेंद्र सर, ज्ञान सिंह ठाकुर, जितेंद्र तोमर सहित नगर के अनेक अशासकीय विद्यालय संचालक एवं प्राचार्य उपस्थित रहे।


बैठक  में सभी सदस्यों ने एक स्वर में संकल्प लिया कि संगठन किसी एक विद्यालय का नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के विद्यार्थियों के हितों और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए कार्य करेगा। भविष्य में समय-समय पर बैठकें आयोजित कर शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर रणनीति बनाई जाएगी तथा शासन-प्रशासन के समक्ष सामूहिक रूप से अपनी बात रखी जाएगी।

एकजुटता के इस निर्णय को आष्टा के शिक्षा जगत के लिए सकारात्मक और महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जिससे निजी विद्यालयों के बीच समन्वय बढ़ेगा और विद्यार्थियों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

बैठक के समापन पर सभी विद्यालय संचालकों एवं प्राचार्यों ने संगठन की एकजुटता और आपसी सहयोग की भावना को और मजबूत करने के उद्देश्य से सामूहिक स्नेह भोज किया। इस दौरान सभी ने शिक्षा के क्षेत्र में मिलकर कार्य करने, विद्यार्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने तथा भविष्य में भी इसी तरह समन्वय और सौहार्द के साथ आगे बढ़ने का संकल्प लिया।

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