अलीपुर चौराहे पर अतिक्रमण हटाने पहुंचे प्रशासन के सामने हाईकोर्ट के स्टे की दीवार
दुकानदारों की नारेबाजी, तहसीलदार बोले— "स्टे सीमित हिस्से पर, जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई"
आष्टा की आवाज/ नवीन शर्मा
आष्टा। रविवार शाम अलीपुर चौराहे पर बनी दुकानों को हटाने के लिए प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। कार्रवाई के दौरान पार्वती थाना पुलिस बल, राजस्व विभाग के अधिकारी एवं आरआई भी मौजूद रहे। लेकिन दुकानदारों द्वारा हाईकोर्ट के स्थगन आदेश (स्टे) का हवाला दिए जाने के बाद तत्काल कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी और मामला फिलहाल जांच तक सीमित रह गया।
मौके पर माहौल उस समय गरमा गया जब दुकानदारों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। दुकानदारों ने नगर के तहसीलदार पर एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि संबंधित मामले में हाईकोर्ट से स्थगन आदेश प्राप्त है, इसलिए कार्रवाई न्यायालय के आदेशों के विपरीत है।
वहीं तहसीलदार ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि संबंधित दुकानदारों को दो दिन पहले ही दुकान खाली करने का नोटिस जारी किया गया था। उनके अनुसार, हाईकोर्ट का स्थगन आदेश केवल कुछ सीमित हिस्से के संबंध में है। उन्होंने कहा कि प्रशासन न्यायालय का पूरा सम्मान करता है और स्टे आदेश का परीक्षण करने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कार्रवाई के दौरान दुकानदारों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप भी लगाए। उनका आरोप था कि पूरे मामले में पैसों के लेनदेन के कारण पक्षपातपूर्ण कार्रवाई की जा रही है। उनका कहना था कि इसी वजह से वे अपने परिवारों के साथ दुकानों को बचाने के लिए मौके पर एकत्र हुए हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और प्रशासन ने इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
फिलहाल इस पूरे मामले में प्रशासन और दुकानदार दोनों अपने-अपने दावे कर रहे हैं। अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि न्यायालय के आदेशों के परीक्षण के बाद प्रशासन आगे क्या निर्णय लेता है। मामले ने नगर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई, न्यायालय के आदेशों के पालन और प्रशासनिक प्रक्रिया को लेकर नई बहस छेड़ दी है।


