भीषण गर्मी में नगर पालिका का फरमान: दो दिन पानी नहीं मिलेगा, जैसे-तैसे गुजारें जिंदगी!
सालों तक सोती रही व्यवस्था, अब जनता भुगतेगी लापरवाही की कीमत
आष्टा की आवाज़ / नवीन शर्मा
आष्टा। तापमान आसमान छू रहा है, लोग एक-एक बूंद पानी के लिए परेशान हैं और ऐसे समय में नगर पालिका ने शहर के कई वार्डों की जलापूर्ति दो दिनों के लिए बंद करने का फैसला कर लिया है। सवाल यह है कि जब पाइप लाइन वर्षों से जर्जर थी तो उसकी सुध अब क्यों ली जा रही है? क्या नगर पालिका को गर्मी शुरू होने से पहले यह समस्या दिखाई नहीं दी?
नगर पालिका अपनी उपलब्धियां गिनाते हुए कह रही है कि शहर में जल संकट नहीं होने दिया, लेकिन हकीकत यह है कि अब हजारों परिवारों को दो दिन बिना पानी के गुजारा करने के लिए छोड़ दिया गया है। सबसे बड़ी विडंबना यह है कि जिस पाइप लाइन को बदलने की जरूरत वर्षों से थी, उसे समय पर बदलने के बजाय गर्मी के सबसे कठिन दौर में काम शुरू किया गया।
नगर के कई क्षेत्रों में पानी की सप्लाई बंद रहेगी। जिन घरों में पानी संग्रह करने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, वहां महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ेगा। अस्पताल लाइन जैसे क्षेत्रों का भी प्रभावित होना कई सवाल खड़े करता है।
नगरवासियों का कहना है कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन उसकी कीमत जनता की बुनियादी जरूरतों को छीनकर नहीं वसूली जानी चाहिए। यदि योजना और प्रबंधन बेहतर होता तो इतनी बड़ी आबादी को पानी से वंचित नहीं होना पड़ता।

