आस्था, परंपरा और सामाजिक समरसता का संगम — धूमधाम से मनी श्री परशुराम जयंती, 6 नवयुगल बंधे परिणय सूत्र में

 


आस्था, परंपरा और सामाजिक समरसता का संगम — धूमधाम से मनी श्री परशुराम जयंती, 6 नवयुगल बंधे परिणय सूत्र में


आष्टा की आवाज़ / नवीन शर्मा 

आष्टा। भगवान श्री परशुराम जयंती का पावन पर्व नगर में इस वर्ष अभूतपूर्व उत्साह, श्रद्धा और भव्यता के साथ मनाया गया। पूरा नगर भगवा रंग में रंगा नजर आया और हर ओर भक्ति, उल्लास एवं संस्कृति की झलक देखने को मिली। आयोजन के अंतर्गत धार्मिक अनुष्ठान, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सामाजिक सरोकारों से जुड़े आयोजन आकर्षण का केंद्र रहे।


इस भव्य आयोजन की सबसे विशेष बात रही कि 6 नवयुगल परिणय बंधन में बंधे, जहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सादगी और परंपराओं के साथ विवाह संपन्न हुए। यह पहल समाज में संस्कार, एकता और सहयोग की मिसाल बनकर उभरी।

कार्यक्रम में क्षेत्र के अनेक गणमान्य जनों की गरिमामयी उपस्थिति रही। विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर, नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा, नगर निरीक्षक गिरीश दुबे, व्यापार महासंघ अध्यक्ष रूपेश राठौर, विशाल चौरसिया, समाजसेवी मोहित दिनेश सोनी, पूर्व नपा अध्यक्ष श्रीमती मीना विनीत सिंघी, कैलाश परमार, पर्यावरण प्रेमी धीरज धारवा, वरिष्ठ पत्रकार एवं इतिहासकार सुधीर पाठक सहित नगर के अन्य वरिष्ठ पत्रकारों ने सहभागिता कर आयोजन की शोभा बढ़ाई।

आयोजन की सफलता में समाज के पदाधिकारियों की अहम भूमिका रही। ब्राह्मण समाज अध्यक्ष विनीत त्रिवेदी, परशुराम जयंती अध्यक्ष गबू शर्मा, परिणय उत्सव समिति अध्यक्ष दिलीप शर्मा, महिला मंडल अध्यक्ष श्रीमती नीता तिवारी, श्रीमती विजयश्री शर्मा, सरिता पुरोहित, कन्या मंडल अध्यक्ष आशी भारद्वाज एवं युवा संगठन अध्यक्ष गौतम शर्मा ने पूरे समर्पण और सक्रियता के साथ व्यवस्थाओं को संभाला।


भव्य चल समारोह बना आकर्षण का केंद्र

श्री परशुराम जयंती के अवसर पर निकाला गया भव्य चल समारोह नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरा, जहां श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया, जिससे वातावरण पूरी तरह उत्सवमय हो गया।

इस दौरान प्रदीप प्रगति परिवार, सकल हिन्दू समाज, अनिमेष सोनी (अंजलि ज्वेलर्स), नगर पालिका आष्टा, दिगम्बर जैन समाज, वरिष्ठ समाजसेवी नोशे खान, विशाल चौरसिया, चेतन छाजेड़ मित्र मंडल सहित अनेक संगठनों ने चल समारोह का भव्य स्वागत कर सामाजिक एकता का परिचय दिया।

चल समारोह का सबसे मनमोहक और आध्यात्मिक आकर्षण वैदिक मंडल आष्टा रहा, जिनके द्वारा पूरे नगर में गूंजते वैदिक मंत्रों ने वातावरण को दिव्यता और सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया।

समाज में एकता और संस्कृति का संदेश

यह आयोजन केवल एक पर्व नहीं बल्कि समाज को जोड़ने, संस्कारों को संजोने और नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने का सशक्त माध्यम बना। श्री परशुराम जयंती महोत्सव ने आष्टा नगर में धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक समरसता और एकजुटता का प्रेरणादायी संदेश दिया।

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