*बच्चा चोरी की अफवाह: दिमागी रूप से बीमार महिला को भीड़ ने घेरा,
पुलिस की मुस्तैदी से टला बड़ा हादसा*
भ्रामक खबर फैलाने वालों पर हो सख्त कार्रवाई*
*आष्टा की आवाज़ / नवीन शर्मा*
आष्टा। नगर में बच्चा चोरी की अफवाह ने एक निर्दोष, मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला को भीड़ के गुस्से का सामना करना पड़ा । पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर कुछ अपुष्ट और भ्रामक जानकारीयों से ऐसा माहौल बनाया गया जिससे आमजन के दिमाग़ मे कई सवाल खड़े हो गये इसका दुष्परिणाम ये हुआ की नगर के लगापुरा क्षेत्र मे लोगों ने बिना सत्य जाने एक महिला पर संदेह कर लिया। बताया जा रहा है कि महिला इधर-उधर भटक रही थी, जिसे कुछ लोगों ने अफवाह के आधार पर बच्चा चोर समझ लिया। देखते ही देखते भीड़ जमा हो गई और स्थिति बेकाबू हो गई।
*पुलिस की मुस्तैदी से टला बड़ा हादसा*
सूचना मिलते ही थाना प्रभारी आष्टा गिरीश दुबे अपने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और महिला को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया। पुलिस की तत्परता से स्थिति नियंत्रित हुई और एक बड़ा हादसा टल गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ है और किसी भी तरह की आपराधिक गतिविधि से उसका कोई संबंध नहीं है।
अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई जरूरी
यह घटना एक गंभीर सवाल खड़ा करती है—सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें फैलाने वालों पर कब कार्रवाई होगी?
अफवाहों के कारण न सिर्फ निर्दोष लोग निशाना बनते हैं, बल्कि कानून-व्यवस्था भी प्रभावित होती है। प्रशासन को चाहिए कि ऐसे तत्वों की पहचान कर कड़ी कानूनी कार्रवाई करे, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति बिना पुष्टि के झूठी खबरें फैलाने की हिम्मत न करे।
*नागरिकों से अपील*
किसी भी अपुष्ट संदेश को शेयर न करें।
संदिग्ध स्थिति में सीधे पुलिस को सूचना दें।
कानून को अपने हाथ में लेने से बचें।
पुलिस की मुस्तैदी से इस बार हालात संभल गए, लेकिन समाज को भी जिम्मेदारी समझनी होगी। अफवाहें नहीं, जागरूकता ही सुरक्षित समाज की नींव

