गेहूं उपार्जन पर प्रशासन सख्त: किसानों को मिलेगी बेहतर सुविधा, अव्यवस्था पर होगी कार्रवाई
👉 एसडीएम ने दिए सख्त निर्देश, गुणवत्ता और व्यवस्थाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
आष्टा की आवाज़ / नवीन शर्मा
आष्टा।रबी विपणन वर्ष में गेहूं उपार्जन को सुचारू, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इसी कड़ी में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) नितिन कुमार टाले द्वारा सहकारी समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित कर अधिकारियों को स्पष्ट और सख्त निर्देश दिए गए।
बैठक में तहसीलदार राम पगारे एवं खाद्य आपूर्ति अधिकारी मृगी अग्रवाल भी मौजूद रहे। एसडीएम ने दो टूक कहा कि उपार्जन केंद्रों पर किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने निर्देश दिए कि सभी उपार्जन केंद्रों पर पेयजल, टेंट, छाया और साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही तोल कांटे और ग्रेडिंग मशीनों की कार्यप्रणाली दुरुस्त रखने पर विशेष जोर दिया गया।
👉 बारिश से बचाव के पुख्ता इंतजाम
अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि आकस्मिक वर्षा की स्थिति में ट्रालियों में रखा गेहूं सुरक्षित रहे, इसके लिए आवश्यक इंतजाम किए जाएं। साथ ही गेहूं की तुलाई गोदाम के अंदर ही कराने के निर्देश दिए गए।
👉 बारदान की कमी नहीं चलेगी
बैठक में स्पष्ट किया गया कि बोरों (बारदान) की कमी किसी भी स्थिति में नहीं होनी चाहिए, इसके लिए अग्रिम भंडारण सुनिश्चित किया जाए।
👉 FAQ गुणवत्ता पर ही खरीदी
एसडीएम ने कहा कि गेहूं की खरीदी FAQ (Fair Average Quality) मानकों के अनुसार ही की जाए, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके।
निष्कर्ष:
प्रशासन के इन सख्त और स्पष्ट निर्देशों से उपार्जन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और किसानों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। इससे किसान बिना किसी परेशानी के अपनी उपज का विक्रय कर सकेंगे।


